अफगानिस्तान में मानवता के प्रति हो रहा गंभीर अपराध

NewsBharati    14-Sep-2021   
Total Views |

अफगानिस्तान के कंधार में एक महिला डॉक्टर फ़ाहिमा हमति के घर में में तालिबान घुस गए और वहां पर तोड़फोड़ की तथा घर में रहने वाले परिवार के सदस्यों के साथ क्रूरता की सारी हदों को पार करते हुए मारपीट करके महिला डॉक्टर को अपने साथ पकड़ कर ले गए ! इस महिला डॉक्टर का केवल इतना ही अपराध था कि वह वहां के निवासियों को डॉक्टरी सहायता प्रदान कर रही थी !इसके अतिरिक्त अफगानिस्तान में नौकरी कर रही महिलाओं को तालिबान वापस काम पर नहीं लौटने दे रहे हैं ! इस प्रकार पूरे अफगानिस्तान में महिलाओं को केवल घरों की चारदीवारी तक ही सीमित कर दिया गया है ! महिलाओं को आतंकित करने के लिए सरेआम जवान लड़कियों तथा नई दुल्हनों को उठाया जा रहा है और उनके साथ जबरदस्ती यौन संबंध और दुष्कर्म की खबरें रोजाना आ रही है ! इस कारण यहां पर युवा लड़कियां स्वयं को असुरक्षित पा रही है जिसके कारण वे डर के माहौल में जी रही है ! इस प्रकार के वातावरण में यह युवा लड़कियां मानसिक असंतुलन तथा अवसाद का शिकार हो रही है ! इसके अतिरिक्त अभी-अभी तालिबानी शासकों ने उनके ऊपर तरह-तरह के प्रतिबंध जैसे शिक्षा संस्थानों में हिजाब तथा अलग व्यवस्था, खेलकूद पर पाबंदी इत्यादि लागू करके इनको दूसरे दर्जे का इंसान बना दिया है ! इस क्रूर और अमानवीय व्यवस्था का सबसे बुरा प्रभाव अफगानिस्तान की आने वाली संतानों और इस समय यहां की पारबारिक व्यवस्था पर पड़ रहा है ! मनोवैज्ञानिकों के अनुसार जैसी भावना एवं वातावरण में एक गर्भवती स्त्री रहती है उसका असर उसकी सोच पर पड़ता है जिसके कारण उसके पेट में पल रही संतान भी उसी प्रकार की सोच जन्म से लेकर पैदा होती है !इसीलिए अफगानिस्तान में तरह-तरह के आतंकियों की फौज लंबे समय से तैयार हो रही है क्योंकि यह जन्म से ही हिंसक प्रवृत्ति लेकर इस दुनिया में प्रवेश करते हैं ! इस वातावरण में पैदा हुआ बच्चा कुंठित, हीन भावना से ग्रस्त तथा हिंसक प्रवृत्ति का होगा ! ऐसा बच्चा बड़ा होकर जहां भी जाएगा अपनी इन कमियों के कारण वहां का वातावरण दूषित करेगा ! अफगानिस्तान में लंबे समय से मुस्लिम कट्टरपंथियों ने वहां की स्त्रियों पर तरह तरह के प्रतिबंध लगाए हैं जिनके कारण वहां पर समाज में चारों तरफ नकारात्मक वातावरण फैला हुआ है,इसी का परिणाम है कि वहां पर इतने बड़े पैमाने पर युवा तालिबान जैसे आतंकी संगठन में शामिल हो रहे हैं जिनकी संख्या अफगानिस्तान सेना के विरुद्ध 75000 थी ! क्या इस प्रकार इतनी बड़ी संख्या में आतंकी संगठित होकर प्रशासन और सेना के विरुद्ध इस प्रकार युद्ध लड़ेंगे ऐसा आज के युग में विश्व में केवल मध्य पूर्व और अफगानिस्तान में ही संभव हो रहा है ! अफगानिस्तान हिंसा विश्व के अन्य भागों में दूर-दूर तक फैल रही है ! यहीं से निर्यात किए हुए आतंकवाद ने अमेरिका में 2001 में विश्व व्यापार केंद्र पर हमला करके वहां पर विनाश फैलाया जिसमें हजारों करोड़ डालर की संपत्ति नष्ट हुई तथा 3000 लोग मारे गए !यहीं से जन्मे आईएस ,अल कायदा इत्यादि आतंकवादियों ने लंबे समय से मध्य पूर्व में हिंसा फैलाई हुई है जिस कारण मध्य पूर्व के प्राकृतिक तेल से संपन्न धनी कहे जाने वाले देश आज विकास से कोसों दूर हैं ! वहां पर हिंसा चारों तरफ देखी जा सकती है जैसा कि सीरिया इराक और निकटवर्ती देशों में देखा जाता है !सारे साधन और धन होने के बावजूद पूरा मध्य पूर्व अफगानिस्तान और पाकिस्तान विकास से कोसों दूर केवल इसी हिंसक वातावरण के कारण है !आज अफगानिस्तान के लिए भोजन और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए मदद मांगी जा रही है ! इस स्थिति का कारण केवल वहां की हिंसक सोच और वातावरण है !

Taliban _1  H x
 

इस लेख का मुख्य उद्देश बच्चे को पैदा करने वाली मां के व्यक्तित्व के उन पहलुओं पर विचार करना है जिनसे एक बच्चे का व्यक्तित्व निर्धारित होता है और जिन से वह अपने जीवन में सफलता या असफलता का अनुभव करता है ! मां और बच्चे का संबंध केवल थोड़े समय के लिए ही नहीं बल्कि बच्चे की पूरी जिंदगी के लिए होता है ! जैसा कि ऊपर वर्णित है जैसा वातावरण होगा उसी प्रकार का व्यक्तित्व आने वाली संतानों का भी होगा ! क्योंकि इस वातावरण से सबसे ज्यादा प्रभावित स्त्रियां होती हैं जो बच्चे को जन्म देती है और उसका लालन पालन करती हैं ! यदि ऐसा वातावरण अफगानिस्तान की तरह पूरे देश में है तो उस देश की पूरी पीढ़ी तालिबान ही बनेगी! तालिबान की तरह इतना बड़ा समूह कोरोना की तरह पूरे विश्व के लिए समस्या बनेगा ! मनोवैज्ञानिकों के अनुसार स्वस्थ वातावरण में जन्म लेने वाले बच्चे के व्यक्तित्व मैं बहिरमुक्ता, खुलापन, नए नए प्रयोग तथा सीखने की उत्सुकता, सबके साथ मिलकर चलने की भावना तथा संवेदनशीलता जैसे गुण होंगे ! जबकि नकारात्मक वातावरण में नकारात्मकता, अस्थिरता संशय, हीन भावना, जैसे अबगणों के साथ बच्चा अपने जीवन में प्रवेश करेगा ! इसी प्रकार के वातावरण में पैदा होकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकियों की फौज तैयार हो रही है ! जिनका उपयोग विश्व के देश अपने राजनीतिक मुद्दों को हल करने के लिए करते हैं ! जैसा कि 80 के दशक में अमेरिका ने अफगानिस्तान से रूसी सेनाओं को भगाने के लिए किया था ! क्या कोई देश अपने युवाओं को इस प्रकार आतंकी बनाकर किसी दूसरे देश को इस प्रकार भाड़े पर देगा, जैसा कि पाकिस्तान ने किया था जिसके कारण आज पाकिस्तान बर्बादी के कगार पर है !

मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण उसके अनुवांशिक गुण वहां का वातावरण, प्रकृति तथा प्रारंभिक शिक्षा करती है ! अनुवांशिकी और प्रकृति के बारे में ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता, परंतु वातावरण और शिक्षा पर तो ध्यान दिया जा सकता है ! अक्सर सख्त प्राकृतिक वातावरण में जन्म लेने वाले बच्चे मजबूत और मेहनती होते हैं जैसे कि पहाड़ी क्षेत्रों और रेगिस्तान मैं देखा जा सकता है ! एक प्रकार से इस प्रकार का वातावरण उन्हें जीवन में मजबूती से आगे बढ़ने के लिए तैयार करत! है ! परंतु समाज के वातावरण के बारे में वहां की सरकार और वहां के आमजन बहुत कुछ कर सकते हैं ! इसलिए सभ्य समाजों में आम वातावरण में तनाव और असुरक्षा को स्थान नहीं दिया जाता है ! यह तब ही संभव है जब समाज में स्त्री पुरुषों को बराबर की स्वतंत्रता हो ! परंतु अफगानिस्तान और पाकिस्तान में मुस्लिम कट्टरपंथी स्त्रियों को दूसरे दर्जे का नागरिक समझ कर उन्हें अमान्य वातावरण में रहने के लिए मजबूर करते हैं ! इसी भावना से पाकिस्तान में अक्सर अल्पसंख्यकों को आतंकित करने के लिए उनकी स्त्रियों को उठा लिया जाता है ! यहां पर यह बात ध्यान देने वाली है कि इन देशों के वातावरण से आसपास के देशों का वातावरण भी प्रभावित होता है ! जैसा कि इस समय अफगानिस्तान की स्थिति के कारण खासकर दक्षिण एशिया और विश्व के अन्य देशों में देखा जा सकता है|

1945 में जापान के नागासाकी और हिरोशिमा में परमाणु बम के द्वारा महाविनाश के बाद विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना पूरे विश्व को भयमुक्त वातावरण देने के लिए की गई थी ! इसीलिए संयुक्त राष्ट्र में विशेष प्रकार के संगठन हैं जो विश्व में मानव अधिकारों खासकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहते हैं ! इसी प्रकार के संगठन ने पाकिस्तान को महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार को रोकने के लिए चेताया है ! जिस प्रकार कोरोना के कारण पूरा विश्व आतंकित हुआ है उसी प्रकार आतंकवाद के कारण भी विश्व में और खासकर दक्षिण एशिया में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है ! यह महसूस किया जा रहा है कि कहीं पर भी आतंकियों के स्लीपिंग सेल विस्फोट या हिंसा कर सकते हैं ! इस स्थिति में संयुक्त राष्ट्र संघ को उसी प्रकार कदम उठाने चाहिए जिस प्रकार परमाणु हथियार या अन्य मानव अधिकार हनन के के लिए वह उठाती है ! क्योंकि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में राष्ट्रीय स्तर पर पल रही पल रही हिंसा विश्व के वातावरण के लिए एक बड़ा खतरा है इसलिए विश्व की शक्तियों को एकत्रित होकर इस अमानवीय स्थिति को नियंत्रण में करने के प्रयास करने चाहिए !