भारत की आंतरिक सुरक्षा को नोएडा के श्रमिकों को भड़काने जैसी हरकतों से चुनौती देता पाकिस्तान

NewsBharati    24-Apr-2026 17:36:23 PM   
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गौतम बुध नगर के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 13 अप्रैल को हुई हिंसा में पाकिस्तानी साजिश सामने नजर आई है ! नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों ने 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन किया ! जिसको पुलिस ने श्रमिकों को समझकर 12:00 बजे तक शांत कर दिया था ! परंतु इसके बाद पाकिस्तान स्थित एक्स हैंडल प्राईड इंडिया और मीर इलियास आई- एन- सी नाम के अकाउंटों से झूठी पोस्ट की गई की उपरोक्त श्रमिक प्रदर्शन में 20 लोग मारे गए हैं तथा 99 घायल हुए है !इस पोस्ट के द्वारा शांत हुए श्रमिक दोबारा भड़क गए और वह सड़कों पर आ गए जहां पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा ! इन अकाउंटों के इस प्रकार के भड़काऊपोस्टो से सीधा पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है !

noida violence

 इन अकाउंटों की पोस्ट के बाद मजदूर -बिल्कुल नाम के मजदूर संगठन से जुड़े रूपेशराय, मनीष चौधरी और आदित्य आनंद ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप से श्रमिकों को भड़काया ! इसके बाद श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन करके पूरे नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों को इनमें तोड़फोड़ कर के बंद कराकर तनाव फैला दिया ! देश की राजधानी के नजदीक होने कारण पुलिस ने शीघ्रता से कार्यवाही करते हुए स्थिति को काबू में किया ! बाद में नोएडा के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस प्रकार के प्रदर्शनों से पाकिस्तान की कुख्यातखुफिया एजेंसी आई - एस -आई देश के औद्योगिक शहरों में अशांति फैलाकर देश के औद्योगिक उत्पादन को प्रभावित करना चाहती है ! इनइनइन हर हरकतो से पाकिस्तान भारत सरकार के विरुद्ध जन आक्रोश फैलाने के बहाने ढूंढता रहता है ! इसी कारण भारत में उसके एजेंट अक्सर सरकार की नीतियों को सांप्रदायिक रंग देकर देश की मुस्लिम आबादी में असंतोष फैलाकर अराजकताऔर सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश करते है !

2019 में नागरिकता संशोधन कानून देश में घुसपैठियों को देश की नागरिकता से दूर करने तथा अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए पास किया गया था ! परंतु पाकिस्तान के एजेंटों ने दिल्ली के मुस्लिम बहुल क्षेत्रओ मेंदुष्प्रचार किया कि इस कानून के द्वारा मुसलमानों को भारत की नागरिकता से वंचित किया जाएगा ! इस प्रचार के परिणाम स्वरूप दिल्ली के मुस्लिम बहुल क्षेत्र शाहीन बाग में मुस्लिम समाज ने सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया ! यह प्रदर्शन पूरे 101 दिन चला और इसकी समाप्ति सांप्रदायिक दंगों में हुई ! वह भी तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति दिल्ली दौरे पर थे जिसके कारण पूरे विश्व की प्रेस दिल्ली में एकत्रित थी जिसने इन दंगों के बारे में पूरी दुनिया में खबर फैलाकर भारत की छवि को विश्व पटल पर बिगाड़ने की कोशिश की ! बाद में जांच में पाया गया कि इस धरने में रोजाना हिस्सा लेने वालों को आई- एस-आई के इशारे पर बब्बर खालसा के एजेंट पैसा देकर बुलाते थेबुलाते थे जिसके लिए धन हवाला के जरिए एजेंटों के पास पहुंच रहा था !

इसी के साथ पाया गया कि पूर्वी दिल्ली की कुछ कॉलोनीयों में आइअस आइ के एजेंटों ने दंगों की तैयारी पहले से कर ली थी ! जिसके कारण पुरानी दिल्ली की कॉलोनीयो में ये देंगे लंबे समय तक चले ! इस प्रकार आइ- अस-आइ ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक उत्पादन को निशाना बनाते हुए नोएडा जो उत्तर प्रदेश के उत्पादन का 10% उत्पादन करता है कि मजदूरों को पाकिस्तान में स्थित अक्स हैंडलूम के द्वारा तरह-तरह की भड़काऊ पोस्टो द्वारा उत्तेजित करके उनसे हिंसक प्रदर्शन करवाये जिसमें कुछ लोग मारे गए तथा काफी घायल हो गए ! इसी प्रकार की हरकत 10 नंबर2025 में दिल्ली में लाल किले के सामने एक कार ब्लास्ट के रूप में की गई ! इस ब्लास्ट को अलफलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ उमर मोहम्मद ने अंजाम दिया ! ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट नाम का एक पदार्थ मुख्य विस्फोटक के रूप में इस्तेमाल किया गया !

आमतौर पर अमोनिय नाइट्रेट को कृषि में खाद के रूप में किया जाता है ! जिसके कारण यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसके भंडारण पर कोई शक भी नहीं करता ! इसलिए आतंक ग्रुप अमोनियम नाइट्रेट को विस्फोटों के लिए इस्तेमाल कर रहे ! लाल किले के ब्लास्ट के तार कश्मीर में सक्रिय जैसे मोहम्मद नाम के आतंकवादी ग्रुप से जुड़े हुए हैं ! इस ब्लास्ट की जांच में पाया गया है कि पांच और आतंकी सदस्य इसमें शामिल थे जिनमें अधिकतर उच्च शिक्षित प्रोफेसर या डॉक्टर थे ! इन आतंकियों की योजना राजधानी क्षेत्र में जगह-जगह ब्लास्ट करकेआतंक फैलाना था जिससे इस क्षेत्र की जनता में डर और भय का वातावरण बन जाए ! लाल किले ब्लास्ट जैसे ब्लास्स्टो के लिए योजना बनाते हुए आतंकियों के ग्रुप देश में जगह-जगह पकड़े जा रहे हैं ! इस प्रकार की हरकतों सेसाफ हो जाता है कि पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध परोक्ष युद्ध छेड़ रखा है !

पाकिस्तानी सेना भारत से चार युद्ध हार चुकी है और अब पाकिस्तान समझ गया है कि वह भारत से सीधा युद्ध में नहीं जीत सकता ! इसलिए उसने भारत के विरुद्ध परोक्ष युद्ध 1971 से ही छेड़ रखा है ! इस युद्ध में द्दुश्मन देश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को निशाना बनाया जाता है ! इसके लिए पाकिस्तान ने सांप्रदायिकता का सहारा लेते हुए कुछ भटके हुए मुस्लिम कट्टरपंथी नौजवानों को अपना- एजेंट बना रखा है जिन्हें स्लीपर सेल के नाम से जाना जाता है ! ये अपने हैंडलरों के इशारों पर देश में सांप्रदायिक दंगे और ब्लास्ट जैसी हरकतें करते हैं ! इन स्लीपर सेलों के लिए आई -एस- आई सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थ तथा हथियारों को भारत में भेज रही है ! इसके लिए वह ड्रोन इत्यादि का भी प्रयोग करती है ! अपने एजेंटों से वह भारत केप्रमुख ठिकानों और सेना की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश कर रही है !

 अभी अप्रैल में ही दिल्ली पुलिस ने यह पता लगाया है कि आईएसआई के एजेंट पंजाब हरियाणा तथा राजस्थान के रेलवे स्टेशनों तथा अन्य सामरिक स्थानों पर सिम कार्ड लगे हुए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं ! इन कैमरों के द्वारा ये सेना की गतिविधियोंऔर उनके आने-जाने पर नजर रख रहे थे और इन कैमरों से प्राप्त सारी सूचना यह एजेंट पाकिस्तान में अपने हैंडलरों को भेज रहे थे ! इसके अलावा आइ अस आइ के एजेंटों ने देश की सैनिक छावनियों वाले शहरों जैसे पंजाब के कपूरथला, जालंधर, पठानकोटतथा पटियाला और हरियाणा के अंबाला इत्यादि में हनी ट्रैप तैयार किए हुए हैं ! जिनके द्वारा ये सैनिकों को इनमें फंसाकर उनसे सैनिक गतिविधियों के बारे में सूचना इकट्ठा करके पाकिस्तान भेजते हैं !

आजादी के बाद से ही पाक सेना भारत में हर विघटनकारी तत्व को हर प्रकार की सहायता प्रदान करती आई है ! 1970 से पहले उत्तर पूर्व के राज्यों नागालैंडऔर मिजोरम तथा अन्य राज्यों में देश विरोधी तत्व भारत से अलग होकर स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहे थे ! उस समय बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान था ! इसलिए तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान से लगने वाले राज्यों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पूरी तरह सक्रिय थी ! इसी के कारण नागालैंड मूवमेंट के नेता जकौटो सेमा भारतीय कानून से बचने के लिएअक्सर पूर्वी पाकिस्तान में छुप जाता था !

इसी प्रकार मिज़ो नेशनल फ्रंट का ऑफिस ढाका और चिटगांव में था ! जहां से यह फ्रंट भारत विरोधी गतिविधियों बिना रोक-टोक के चला रहा था ! इसलिए नागालैंड और मिजोरम में काफी समय तक उपरोक्त संगठनों के द्वारा उत्तल-पुथल मचाई गई ! इन संगठनों ने इन राज्यों के विकास पर बुरा असर डाला जिसके कारण ये राज्य विकास में पिछड़ने लगे ! परंतु अंत में भारतीय सेना तथा पुलिस ने स्थिति को काबू में करते हुए इन आंदोलन को शांत करते हुए स्थिति को सामान्य बनाया ! इसी प्रकार जम्मू कश्मीर पर कब्जा करने के लिए पाक सेना नेअक्टूबर 1947 में ही कश्मीर पर हमला कर दिया था ! क्योंकि उस समय तक इस राज्य का भारत में विलय नहीं हुआ था जिसके कारण महाराजा की सेना पाक सेना का मुकाबला नहीं कर सकी और पाक सेना श्रीनगर के करीब बारामुला तक आ गई !

 इसी समय इस राज्य का भारत में विलय हो गया इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को पीछे खदेणना शुरू किया परंतु उसी समय यह मसला संयुक्त राष्ट्र संघ में पहुंच गया जिसके बीच में आने के कारणअभी तक कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में है जिसको पाकअधिकृत कश्मीर के नाम से पुकारा जाता है ! इसके बाद पाकिस्तान की आई -इस- आई ने मुस्लिम कट्टरपंथी आतंकी ग्रुप जैसे लश्करे- तैयबा, जैसेमोहम्मद और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट इत्यादि तैयार किये और इन्हें कश्मीर में भारत से अलग होने के लिएआतंकी गतिविधियां चलाने के लिए कहा ! इन गुटों ने काफी समय तक जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाई परंतु भारतीय सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंटीयों के द्वारा स्थिति को काबू में लाया गया !

और आज यह राज्य पूरी तरह शांत है और विकास के रास्ते पर चल रहा है ! इसी प्रकार1971 के युद्ध में करारी हार मिलने के बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बट गया ! इसका बदला लेने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारत के पंजाब में खालिस्तान मूवमेंट चलाकर पंजाब को भारत से अलग करने की कोशिश की ! इसके लिए उसने खालिस्तानी तत्वों को हर प्रकार की सहायताऔरहथियार तथा गोला बारूद उपलब्ध कराया परंतु पंजाब की राष्ट्रवादी जनता के सहयोग और देश की सुरक्षा एजेंसियों तथा भारतीय सेना के द्वारा पंजाब की स्थिति को सामान्य बनाया गया !जिसके लिए भारतीय सेना को ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसी कार्रवाई करनी पड़ी !


जम्मू कश्मीर और पंजाब में नाकामी मिलने के बाद पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध खुले आम परोक्ष युद्ध के रूप में भारत केअन्य हिस्सों मेंहिस्सों मेंआतंकी गतिविधियांबढ़ा दिए! इनके द्वारा वह जगह-जगहसांप्रदायिक दंगेऔर विस्फोटऔर विस्फोटकरकेजनता मेंअसुरक्षा और बका वातावरण पैदा करना चाहता है जिस देश की जनता का अपनी सरकार से विश्वास उठ जाएऔर देश में अशांति फैल जाए ! इसी के अंतर्गत 2016 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे हुएऔर ऐसे देंगे देश में जगह-जगह देखे गए !

अब पाकिस्तान की नजर भारत की अर्थव्यवस्था पर है क्योंकि इस समय भारतविश्व की एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में 4 वे में स्थान पर स्थित है ! वहीं पर पाकिस्तान की आर्थिक व्यवस्था इतनी खस्ता हाल हो गई है कि उसको अपना खर्च चलाने के लिएआईएमएफ और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है जिसके लिए वहअमेरिका की चाप लूसी हर स्थिति में कर रहा है ! भारत की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था को बिगड़ने केलिए अब वह नोएडा के श्रमिक आंदोलन जैसे हिंसक प्रदर्शन देश में करने की योजना बना रहा है ! स्थिति की गंभीरता इसी से सिद्ध होती है कि नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन के लिए पाकिस्तान ने पश्चिम बंगाल से एकदल और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से छात्रों को बुलाया जिससे यह आंदोलन उग्र और हिंसक बन सके !


पाकिस्तान की उपरोक्त परोक्ष युद्ध की नीतिको देखते हुए देश कोअब इस युद्ध के लिए इस प्रकार तैयारी करनी है जिस प्रकार पाकिस्तान के चार-चार हमलो को हमने ना काम करते हुए उसे करारी हार दीऔर उसके दो टुकड़े बांग्लादेश के रूप में किये ! इसके लिए देश की सुरक्षा एजेंसियों कोऔर भी चौकन्ना रहने की आवश्यकता है ! और आधुनिक सर्विलेंस उपकरणों से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए ! इसके साथ-साथ देश की जनताको भी चौकन्ना रहने की आवश्यकता है और जब भी संदेहात्मक गतिविधियां नजर आती हैंइसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देनी चाहिए ! इसके अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था मैं तैनात एजेंसीयों को जनता को इस बारे मेंशिक्षित करना चाहिए और इमरजेंसी की स्थिति का सामना करने के लिए व्यवस्था की ड्रिल की जानी चाहिए ! जिससे जनता अपनी सुरक्षा स्वयं कर सके !

इस प्रकार हम पाकिस्तान की सब चालों को उसी प्रकार नाकाम करेंगे जिस तरह हम अब तक करते आए हैं ! इस प्रकार भारत पाकिस्तान की हरकतों को नाकाम करते हुए विश्व की एक एक सैनिक और आर्थिक महा शक्ति बन चुका है !

Shivdhan Singh

Service - Appointed as a commissioned officer in the Indian Army in 1971 and retired as a Colonel in 2008! Participated in the Sri Lankan and Kargil War. After retirement, he was appointed by Delhi High Court at the post of Special Metropolis Magistrate Class One till the age of 65 years. This post does not pay any remuneration and is considered as social service!

Independent journalism - Due to the influence of nationalist ideology from the time of college education, special attention was paid to national security! Hence after retirement, he started writing independent articles in Hindi press from 2010 in which the main focus is on national security of the country.